फ़ॉर्म 15CA और 15CB अब फ़ॉर्म 145 और 146: विदेश पैसा भेजने वाले NRI को अब क्या भरना होगा
1 अप्रैल 2026 से विदेश भुगतान की घोषणा फ़ॉर्म 145 में और CA का सर्टिफ़िकेट फ़ॉर्म 146 में होगा, आयकर नियम, 2026 के नियम 220 के तहत। ₹5 लाख की सीमा और पैसा भेजने से पहले फ़ाइलिंग का नियम बरकरार।

मुख्य बातें
टैक्स- 1 अप्रैल 2026 से फ़ॉर्म 15CA की जगह फ़ॉर्म 145 और फ़ॉर्म 15CB की जगह फ़ॉर्म 146 आ गया है; दोनों आयकर नियम, 2026 के नियम 220 के तहत हैं।
- फ़ॉर्म 145 में अब भी चार हिस्से हैं और एक टैक्स वर्ष में ₹5 लाख की सीमा तय करती है कि चार्टर्ड अकाउंटेंट का सर्टिफ़िकेट चाहिए या नहीं।
- दोनों फ़ॉर्म पैसा भारत से बाहर जाने से पहले भरने होते हैं, जमा होने के बाद इनमें बदलाव नहीं हो सकता और इन्हें सिर्फ़ सात दिन के भीतर वापस लिया जा सकता है।
भारत से विदेश पैसा भेजने से पहले बैंक जिन दो फ़ॉर्मों की मांग करते रहे हैं, उनके नंबर बदल गए हैं। आयकर अधिनियम, 2025 और आयकर नियम, 2026 के 1 अप्रैल 2026 से लागू होने के बाद पैसा भेजने वाले की घोषणा, जिसे अब तक फ़ॉर्म 15CA कहा जाता था, अब फ़ॉर्म 145 है। चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) का सर्टिफ़िकेट, यानी पुराना फ़ॉर्म 15CB, अब फ़ॉर्म 146 कहलाता है।
क्या बदला
नए नियमों के तहत फ़ॉर्मों की जो सूची आयकर विभाग ने जारी की है, उसमें फ़ॉर्म 145 को पुराने 15CA और फ़ॉर्म 146 को पुराने 15CB की जगह रखा गया है। विभाग के FAQ के मुताबिक़ दोनों फ़ॉर्म आयकर नियम, 2026 के नियम 220 के तहत आते हैं, जिसने 1962 के नियमों का नियम 37BB बदला है। इनका क़ानूनी आधार अब 1961 के अधिनियम की धारा 195 के बजाय 2025 के अधिनियम की धाराएं 393, 395 और 397 हैं।
ढांचा जाना-पहचाना है। फ़ॉर्म 145 के चार हिस्से हैं:
- पार्ट A: भुगतान पर टैक्स बनता है और टैक्स वर्ष में कुल रक़म ₹5 लाख से ज़्यादा नहीं है।
- पार्ट B: टैक्स बनता है, रक़म ₹5 लाख से ज़्यादा है और भुगतान करने वाले के पास धारा 395 के तहत असेसिंग ऑफ़िसर का सर्टिफ़िकेट है।
- पार्ट C: टैक्स बनता है, रक़म ₹5 लाख से ज़्यादा है और ऐसा कोई सर्टिफ़िकेट नहीं है, इसलिए CA से फ़ॉर्म 146 लेना ज़रूरी है।
- पार्ट D: भुगतान पर भारत में टैक्स नहीं बनता।
विभाग के FAQ कहते हैं कि इसकी कोई तय आख़िरी तारीख़ नहीं है, लेकिन फ़ॉर्म पैसा भेजने से पहले भरना होगा। यह हर ट्रांसफ़र के लिए अलग से भरा जाता है, साल में एक बार नहीं। भरे गए फ़ॉर्म में बदलाव नहीं हो सकता; उसे जमा करने के सात दिन के भीतर वापस लिया जा सकता है।
फ़ॉर्म 146 के लिए CA का ई-फ़ाइलिंग पोर्टल पर डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफ़िकेट के साथ रजिस्टर्ड होना ज़रूरी है। पहले CA फ़ॉर्म भरता है। ई-वेरिफ़ाई हुए फ़ॉर्म 146 का एकनॉलेजमेंट नंबर फ़ॉर्म 145 के पार्ट C में अपने-आप भर जाता है, और एक फ़ॉर्म 146 पर सिर्फ़ एक फ़ॉर्म 145 भरा जा सकता है। विभाग के गाइडेंस नोट के मुताबिक़ सर्टिफ़िकेट पर ICAI से जनरेट हुआ UDIN अब अनिवार्य है।
किन पर असर
किसी अनिवासी व्यक्ति या विदेशी कंपनी को भुगतान करने वाला हर व्यक्ति फ़ॉर्म 145 भरता है। NRI के लिए आम स्थिति अपना ही पैसा भारत से विदेश ले जाने की है, जो ज़्यादातर NRO खाते से जाता है। अनिवासियों के खातों पर भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के FAQ के मुताबिक़ NRO खाते की रक़म चालू आय के अलावा एक वित्त वर्ष में 10 लाख अमेरिकी डॉलर तक बाहर भेजी जा सकती है। ऐसे ट्रांसफ़र से पहले बैंक आम तौर पर टैक्स से जुड़े काग़ज़ मांगते हैं।
कुछ ट्रांसफ़र पर फ़ॉर्म 145 की ज़रूरत ही नहीं होती। विभाग ने ऐसे व्यक्तिगत ट्रांसफ़र गिनाए हैं जिनके लिए RBI की पहले से मंज़ूरी नहीं चाहिए, जैसे लिबरलाइज़्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत भेजा गया पैसा, IFSC यूनिट से भेजा गया पैसा और RBI के तय पर्पज़ कोड वाले ट्रांसफ़र।
आपके लिए इसका मतलब
- अगर बैंक या CA “15CA/15CB” मांगें, तो अब भरने वाले फ़ॉर्म 145 और 146 हैं। BDO India के मुताबिक़ 1 अप्रैल 2026 या उसके बाद के ट्रांसफ़र 2025 के अधिनियम और इन्हीं नए फ़ॉर्मों के दायरे में हैं।
- शुरू करने से पहले तय कर लें कि कौन-सा पार्ट लागू होता है। रक़म पर टैक्स बनता है (पार्ट A से C) या नहीं (पार्ट D), यह इस पर निर्भर है कि पैसा कहां से आया और उस पर पहले कितना टैक्स चुकाया जा चुका है। फ़ाइल करने से पहले अपने CA से इसकी पुष्टि करा लें।
- पहले फ़ॉर्म 146 भरवाएं, फिर फ़ॉर्म 145 भरें, और ट्रांसफ़र से पहले बैंक को एकनॉलेजमेंट दें।
- जमा करने से पहले हर आंकड़ा जांच लें। भरे गए फ़ॉर्म में सुधार नहीं होता; उसे सात दिन के भीतर वापस लेकर दोबारा भरना पड़ता है। विभाग ने चूक और ग़लत सर्टिफ़िकेट पर धारा 462 और 463 के तहत जुर्माने का ज़िक्र किया है।
अहम तारीखें
- 1 अप्रैल 2026: आयकर अधिनियम, 2025 और आयकर नियम, 2026 लागू; फ़ॉर्म 145 और 146 ने 15CA और 15CB की जगह ली।
- हर ट्रांसफ़र पर: पैसा भेजने से पहले फ़ॉर्म 145 (और ज़रूरत हो तो फ़ॉर्म 146)।
स्रोत
- Income Tax Department, FAQs on Form No. 145 (Income-tax Rules, 2026)incometaxindia.gov.in · आधिकारिक स्रोत
- FAQs and guidance notes on forms under the Income-tax Rules, 2026 (आयकर विभाग)incometaxindia.gov.in
- FAQs on Form No. 146 (आयकर विभाग)incometaxindia.gov.in
- Accounts in India by non-residents, FAQ (भारतीय रिज़र्व बैंक)rbi.org.in
- New tax declaration forms introduced for NRI remittances (BDO India)bdo.in
यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या टैक्स सलाह नहीं। नियम बदलते रहते हैं: आधिकारिक स्रोत देखें और अपने मामले में किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लें। कोई गलती दिखी? लिखें [email protected] · सुधार नीति