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डेडलाइनऑस्ट्रेलिया: खुद रिटर्न भरने वालों के लिए 2025-26 का टैक्स रिटर्न · 31 अक्टू. 2026 ·
अमेरिका · आपके काम की बात

H-1B और L-1 वीज़ाधारक ध्यान दें: 60 दिन का ग्रेस पीरियड और एक्सटेंशन में रियायत ख़त्म करने की तैयारी, अभी क्या करें

दो प्रस्तावित नियम नौकरी छूटने के बाद मिलने वाली मोहलत ख़त्म कर देंगे और सामान्य एक्सटेंशन को मुश्किल बनाएंगे। दोनों अभी लागू नहीं हैं; इन पर 10 और 13 नवंबर 2026 तक राय दी जा सकती है।

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मुख्य बातें

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  • DHS के 11 सितंबर 2026 के प्रस्ताव में H-1B, L-1, O-1, E, TN और H-1B1 कामगारों और उनके परिवारों को नौकरी ख़त्म होने पर मिलने वाला अधिकतम 60 दिन का ग्रेस पीरियड हटाने की बात है।
  • 14 अक्टूबर 2026 के दूसरे प्रस्ताव के तहत फ़ॉर्म I-129 पर उसी कंपनी के एक्सटेंशन का फ़ैसला करते समय USCIS अधिकारी पिछली मंज़ूरी को आधार मानकर नहीं चलेंगे।
  • दोनों में से कोई नियम लागू नहीं हुआ है। अंतिम नियम आने तक मौजूदा ग्रेस पीरियड और पिछली मंज़ूरी के लिहाज़ वाला नियम जारी रहेगा।
  • Regulations.gov पर ग्रेस पीरियड पर 10 नवंबर और डेफ़रेंस पर 13 नवंबर 2026 तक राय दी जा सकती है।

पिछले सात हफ़्तों में अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) के दो प्रस्तावित नियम सीधे उस सवाल से जुड़े हैं कि H-1B और L-1 कामगार, जिनमें बड़ी तादाद भारतीयों की है, छंटनी या रूटीन एक्सटेंशन की स्थिति से कैसे निपटें। एक प्रस्ताव नौकरी ख़त्म होने के बाद मिलने वाला ग्रेस पीरियड हटाएगा। दूसरा USCIS से कहेगा कि वह एक्सटेंशन को पुरानी मंज़ूरी के भरोसे नहीं, नए सिरे से परखे। दोनों अभी सिर्फ़ प्रस्ताव हैं। जानिए हर प्रस्ताव क्या करता है और इनके लंबित रहते आप क्या कर सकते हैं।

1. जानें कि आज ग्रेस पीरियड से क्या मिलता है

मौजूदा नियम 8 CFR 214.1(l)(2) के तहत E-1, E-2, E-3, H-1B, H-1B1, L-1, O-1 या TN स्टेटस वाले कामगार की नौकरी ख़त्म होने पर उसे लगातार अधिकतम 60 दिन का ग्रेस पीरियड मिल सकता है, या उसकी अधिकृत अवधि ख़त्म होने तक, जो भी पहले हो। यह हर अधिकृत वैधता अवधि में एक बार मिलता है। इस दौरान काम नहीं कर सकते, लेकिन नई कंपनी से याचिका दाख़िल करवा सकते हैं, किसी दूसरे स्टेटस में बदलाव की अर्ज़ी दे सकते हैं या कंपेलिंग सर्कमस्टेंसेज़ (गंभीर परिस्थितियों) वाले वर्क परमिट के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऐसा न हो, तो अवधि ख़त्म होने तक अमेरिका छोड़ना होता है।

यह नियम आज भी लागू है। अगर अभी आपकी नौकरी जाती है, तो 60 दिन की मोहलत मिलेगी।

2. समझें कि ग्रेस पीरियड वाला प्रस्ताव क्या बदलेगा

11 सितंबर 2026 को छपा प्रस्ताव ऊपर बताई सभी श्रेणियों और उनके आश्रितों के लिए यह विवेकाधीन ग्रेस पीरियड ख़त्म कर देगा। DHS के मुताबिक़ तब कामगारों को नौकरी ख़त्म होते ही अमेरिका छोड़ना होगा, जब तक उनके पास रुकने का कोई और वैध आधार न हो। DHS का तर्क है कि ग्रेस पीरियड इन वीज़ा श्रेणियों के मक़सद से मेल नहीं खाता और USCIS का काम बढ़ाता है। उसके अपने आंकड़ों के मुताबिक़ वित्त वर्ष 2021 से 2025 के बीच इन श्रेणियों में हर साल औसतन 65,752 कामगारों की नौकरी गई या उन्होंने कंपनी बदली।

प्रस्ताव E-3, H-1B, H-1B1, L-1 और O-1 के मुख्य कामगारों के लिए कंपेलिंग सर्कमस्टेंसेज़ वर्क परमिट वाले नियम से भी ग्रेस पीरियड का ज़िक्र हटा देगा। यानी ऐसी अर्ज़ी तभी दी जा सकेगी जब कामगार स्टेटस में हो। ब्लूमबर्ग लॉ के मुताबिक़ तब छंटनी के शिकार कामगारों को नई नौकरी का ऑफ़र मिलने पर अमेरिका छोड़कर किसी अमेरिकी कॉन्सुलेट से वीज़ा लेना होगा।

3. डेफ़रेंस वाला प्रस्ताव समझें

दिसंबर 2024 के नियम से जुड़ा 8 CFR 214.1(c)(5) USCIS अधिकारियों से कहता है कि अगर फ़ॉर्म I-129 पर एक्सटेंशन में पक्ष और तथ्य वही हैं, तो वे पिछली मंज़ूरी का लिहाज़ (डेफ़रेंस) करें, बशर्ते पिछली मंज़ूरी में कोई बड़ी ग़लती न हो, हालात में कोई अहम बदलाव न हुआ हो और कोई नई प्रतिकूल जानकारी न आई हो। 14 अक्टूबर 2026 को छपा प्रस्ताव यह प्रावधान हटा देगा। अधिकारी पुरानी मंज़ूरी पर ग़ौर कर सकेंगे, लेकिन उसके पक्ष में कोई पूर्व धारणा नहीं रहेगी।

DHS का अनुमान है कि इससे हर साल क़रीब 6,000 ज़्यादा रिक्वेस्ट फ़ॉर एविडेंस (RFE) जारी होंगे, क्योंकि अधिकारी हर एक्सटेंशन को ज़्यादा बारीकी से परखेंगे। यह बदलाव फ़ॉर्म I-129 पर दाख़िल हर अर्ज़ी पर लागू होगा; EY के अनुसार इसमें H-1B और L-1 समेत फ़ॉर्म I-129 की सभी कामगार श्रेणियां आती हैं।

4. अभी ये क़दम उठाएं

  1. ज़रूरी काग़ज़ तैयार रखें। हाल की सैलरी स्लिप, एम्प्लॉयमेंट वेरिफ़िकेशन लेटर, I-94 रिकॉर्ड, अप्रूवल नोटिस और पासपोर्ट की कॉपी तैयार हों, तो नौकरी जाने पर नई कंपनी या वकील जल्दी क़दम उठा सकते हैं।
  2. वीज़ा स्टैंप नहीं, I-94 की तारीख़ देखें। आपके रुकने की अधिकृत अवधि I-94 से तय होती है और कोई भी ग्रेस पीरियड उससे आगे नहीं जा सकता।
  3. एक्सटेंशन जल्दी शुरू कराएं। डेफ़रेंस हटा, तो एक्सटेंशन को पहली अर्ज़ी की तरह परखा जा सकता है। कंपनी से कहें कि मौजूदा मंज़ूरी ख़त्म होने से काफ़ी पहले फ़ाइल करे और नौकरी व आपकी योग्यता के पूरे सबूत शुरू में ही लगाए।
  4. यह न मानें कि पुरानी मंज़ूरी से हर सवाल हल हो गया। अगर आपकी भूमिका, काम की जगह या वेतन बदला है, तो एक्सटेंशन में इसकी पूरी जानकारी हो।
  5. विकल्प तैयार रखें। अगर आप ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया में हैं, तो वकील से पूछें कि मौजूदा नियमों और प्रस्तावों के तहत छंटनी का आपके विकल्पों पर क्या असर होगा।
  6. चाहें तो राय दें। टिप्पणियां Regulations.gov पर दी जाती हैं: ग्रेस पीरियड के लिए डॉकेट USCIS-2026-0364 और डेफ़रेंस के लिए डॉकेट USCIS-2026-0529। DHS का कहना है कि अधिकारियों को ईमेल या चिट्ठी से भेजी गई राय पर विचार नहीं होगा।

यह सामान्य जानकारी है। किसी चल रहे मामले में इमिग्रेशन वकील से सलाह लें।

अहम तारीखें

  • 11 सितंबर 2026: ग्रेस पीरियड वाला प्रस्ताव छपा।
  • 14 अक्टूबर 2026: डेफ़रेंस वाला प्रस्ताव छपा।
  • 10 नवंबर 2026: ग्रेस पीरियड प्रस्ताव पर राय देने की आख़िरी तारीख़।
  • 13 नवंबर 2026: डेफ़रेंस प्रस्ताव पर राय देने की आख़िरी तारीख़।
  • अंतिम नियम छपने तक: 60 दिन का ग्रेस पीरियड और डेफ़रेंस नियम लागू रहेंगे।

स्रोत

  1. DHS / USCIS, Eliminating the Discretionary 60-Day Grace Period, notice of proposed rulemaking, Federal Register document 2026-18631, 11 September 2026federalregister.gov · आधिकारिक स्रोत
  2. Removing Deference to Prior USCIS Determinations of Eligibility, Federal Register document 2026-20941, 14 October 2026 (DHS / USCIS)federalregister.gov
  3. 8 CFR 214.1, General requirements for admission, extension, and maintenance of status (eCFR)ecfr.gov
  4. H-1B Worker Grace Period After Layoff Nixed in DHS Proposal (Bloomberg Law)news.bloomberglaw.com
  5. US DHS proposes removing regulation that requires deference to prior approvals for nonimmigrant worker extensions (EY)globaltaxnews.ey.com

यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या टैक्स सलाह नहीं। नियम बदलते रहते हैं: आधिकारिक स्रोत देखें और अपने मामले में किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लें। कोई गलती दिखी? लिखें [email protected] · सुधार नीति

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