NRE और FCNR(B) जमा पर ब्याज दर की छूट RBI ने 31 अगस्त 2026 को ख़त्म की, तय तारीख़ से एक महीना पहले
17 जून से बैंक तीन साल या उससे लंबी नई NRE जमा और तीन से पांच साल की FCNR(B) जमा पर सामान्य सीमा से ज़्यादा ब्याज दे सकते थे। 25 अगस्त के संशोधन ने यह मियाद घटा दी।

मुख्य बातें
बैंकिंग और RBI- RBI ने 17 जून 2026 को तीन साल या उससे लंबी नई NRE जमा और तीन से पांच साल की नई FCNR(B) जमा पर ब्याज दर की सीमा अस्थायी रूप से हटा दी थी।
- यह छूट 30 सितंबर 2026 तक चलनी थी, लेकिन 25 अगस्त 2026 के संशोधन ने इसकी आख़िरी तारीख़ 31 अगस्त 2026 कर दी।
- 1 सितंबर से नई और रिन्यू होने वाली जमा पर सामान्य सीमाएं फिर लागू हैं; पहले से बुक जमा के बारे में सर्कुलर में अलग से कुछ नहीं कहा गया है।
इस साल गर्मियों में क़रीब दस हफ़्ते तक भारतीय बैंक NRI ग्राहकों को लंबी अवधि की NRE और FCNR(B) जमा पर रिज़र्व बैंक की सामान्य सीमा से ज़्यादा ब्याज दे सकते थे। RBI ने यह खिड़की 31 अगस्त 2026 को बंद कर दी, यानी पहले घोषित तारीख़ से एक महीना पहले।
क्या बदला
RBI ने 17 जून 2026 को इंटरेस्ट रेट ऑन डिपॉज़िट्स अमेंडमेंट डायरेक्शंस, 2026 जारी किए (कमर्शियल बैंकों के लिए सर्कुलर RBI/2026-27/138 और बाक़ी श्रेणियों के बैंकों के लिए इसी तरह के सर्कुलर)। इनसे दो सीमाएं तुरंत प्रभाव से हटा दी गईं:
- NRE जमा: आम तौर पर NRE जमा पर ब्याज, बैंक की उतनी ही अवधि की घरेलू रुपया सावधि जमा की दर से ज़्यादा नहीं हो सकता। तीन साल या उससे लंबी नई NRE जमा पर यह पाबंदी हटाई गई, लेकिन NRO से NRE खाते में ले जाई गई रक़म इसके दायरे से बाहर रखी गई।
- FCNR(B) जमा: तीन साल से लेकर पांच साल तक की अवधि पर सामान्य सीमा उस मुद्रा की ओवरनाइट अल्टरनेटिव रेफ़रेंस रेट (या स्वैप रेट) से 350 बेसिस पॉइंट ज़्यादा होती है। नई जमा पर यह सीमा हटाई गई।
मैच्योरिटी पर रिन्यू होने वाली जमा भी इसमें शामिल थीं। छूट की अवधि 17 जून से 30 सितंबर 2026 तय की गई थी।
25 अगस्त 2026 को RBI ने “समीक्षा के बाद” थर्ड अमेंडमेंट डायरेक्शंस (सर्कुलर RBI/2026-27/243) जारी किए और 30 सितंबर की जगह 31 अगस्त 2026 कर दिया, तुरंत प्रभाव से। लॉ फ़र्म किंग स्टब एंड कसीवा के मुताबिक़ स्मॉल फ़ाइनेंस बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, लोकल एरिया बैंक और सहकारी बैंकों के लिए भी इसी तरह के संशोधन जारी हुए।
किन पर असर
- जिन NRI ने 17 जून से 31 अगस्त 2026 के बीच ऐसी कोई जमा खोली या रिन्यू कराई।
- जो NRI पुरानी तारीख़ के भरोसे सितंबर में जमा बुक करने वाले थे। उनकी जमा पर सामान्य सीमाएं लागू होंगी।
आपके लिए इसका मतलब
सर्कुलरों ने सिर्फ़ यह बदला कि छूट की अवधि में बैंक नई जमा पर कितनी दर दे सकते थे। पहले से बुक जमा के बारे में इनमें अलग से कुछ नहीं कहा गया, इसलिए आपकी दर आपकी जमा रसीद और बैंक की शर्तों से तय होती है। अगर आपने इस अवधि में जमा बुक की है, तो बैंक से लिखित में पुष्टि ले लें कि दर मैच्योरिटी तक बनी रहेगी, और ऊंची दर वाली जमा समय से पहले तोड़ने से पहले उसकी शर्तें पढ़ लें। 1 सितंबर के बाद रिन्यू होने वाली जमा के लिए ऑटो-रिन्यूअल पर हामी भरने से पहले अलग-अलग बैंकों की दरें मिला लें। NRE और FCNR(B) ब्याज पर टैक्स के नियमों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
स्रोत
- RBI circular RBI/2026-27/243, Interest Rate on Deposits Third Amendment Directions, 25 August 2026rbi.org.in · आधिकारिक स्रोत
- RBI circular RBI/2026-27/138, Interest Rate on Deposits Amendment Directions, 17 June 2026rbi.org.in
- RBI circular RBI/2026-27/139, Small Finance Banks amendment, 17 June 2026rbi.org.in
- Temporary relaxation in interest rates on NRE and FCNR(B) deposits brought to an early close (King Stubb & Kasiva)ksandk.com
- RBI temporarily lifts interest rate caps on NRE and FCNR(B) deposits (Taxmann)taxmann.com
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