ISTदुबईलंदनन्यूयॉर्कटोरंटोसिडनी
एनआरआई न्यूज़ नाउदुनिया भर के भारतीयों की खबरहर खबर आधिकारिक स्रोत के साथ
डेडलाइनऑस्ट्रेलिया: खुद रिटर्न भरने वालों के लिए 2025-26 का टैक्स रिटर्न · 31 अक्टू. 2026 ·

RBI ने रेपो रेट बढ़ाकर 5.50% किया: NRI का होम लोन महंगा, जमा पर ब्याज बढ़ने में लग सकता है वक़्त

फ़रवरी 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी के बाद कई बैंकों ने रेपो से जुड़ी लोन दरें बढ़ा दी हैं। जमा दरें धीरे बढ़ सकती हैं, क्योंकि इस साल NRI के भेजे FCNR(B) पैसे से बैंकों के पास भरपूर नकदी है।

प्रकाशित · 2 मिनट में पढ़ें
बार चार्ट जिसमें आख़िरी बढ़ता हुआ बार 5.50 प्रतिशत दिखाता है
चित्र: एनआरआई न्यूज़ नाउ

मुख्य बातें

बैंकिंग और RBI
  • RBI की मौद्रिक नीति समिति ने 7 अक्टूबर 2026 को सर्वसम्मति से रेपो रेट 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.50% कर दिया और नीतिगत रुख़ बदलकर 'कैलिब्रेटेड टाइटनिंग' कर दिया।
  • फ़ैसले के बाद बैंक ऑफ़ बड़ौदा, PNB और इंडियन बैंक समेत कई बैंकों ने रेपो से जुड़ी लोन दरें 25 बेसिस पॉइंट बढ़ा दीं, इसलिए भारत में NRI के फ़्लोटिंग रेट होम लोन अगले रीसेट पर महंगे होंगे।
  • अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच अनिवासी जमा में 119.2 अरब डॉलर की शुद्ध आवक हुई, जो पिछले साल इसी दौरान 5.6 अरब डॉलर थी; इससे जमा दरों की बढ़त धीमी रह सकती है।

भारत में फ़्लोटिंग रेट पर होम लोन चुका रहे NRI की किस्त अब बढ़ेगी। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने फ़रवरी 2023 के बाद पहली बार नीतिगत दर बढ़ाई है। 5 से 7 अक्टूबर तक चली बैठक में मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.50% कर दिया।

क्या बदला

रेपो रेट 5.50% होने के साथ स्टैंडिंग डिपॉज़िट फ़ैसिलिटी दर अब 5.25% है, जबकि मार्जिनल स्टैंडिंग फ़ैसिलिटी दर और बैंक रेट 5.75% हो गए हैं। MPC ने अपना रुख़ भी ‘न्यूट्रल’ से बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर दिया। बिज़नेस स्टैंडर्ड के मुताबिक़ रुख़ में बदलाव 4-2 के बहुमत से हुआ; बाहरी सदस्य नागेश कुमार और राम सिंह न्यूट्रल रुख़ बनाए रखने के पक्ष में थे।

समिति के प्रस्ताव के मुताबिक़ नए रुख़ का मतलब है कि निकट भविष्य में दरों में कटौती की गुंजाइश नहीं है; अगला क़दम या तो बढ़ोतरी होगा या ठहराव। RBI ने 2026-27 के लिए खुदरा महंगाई का अनुमान 5.2% रखा है। MPC की अगली बैठक 2 से 4 दिसंबर 2026 को है।

किन पर असर

सबसे पहले क़र्ज़ लेने वालों पर। बिज़नेस स्टैंडर्ड के मुताबिक़ बैंक ऑफ़ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज़ बैंक, बैंक ऑफ़ इंडिया और RBL बैंक ने रेपो से जुड़ी लोन दरें 25 बेसिस पॉइंट बढ़ा दी हैं। इंडियन बैंक की दर 8 अक्टूबर से 7.95% से बढ़कर 8.20% और PNB की 8.10% से बढ़कर 8.35% हो गई। रेपो से जुड़े नए लोन तुरंत महंगे हो गए हैं, जबकि पुराने लोन की दरें आम तौर पर लगभग 90 दिन के भीतर बदलती हैं।

जमा करने वालों को थोड़ा इंतज़ार करना पड़ सकता है। गवर्नर के वक्तव्य के मुताबिक़ अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच अनिवासी जमा में 119.2 अरब डॉलर की शुद्ध आवक हुई, जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा 5.6 अरब डॉलर था। वक्तव्य में यह भी दर्ज है कि जुलाई-अगस्त में नई घरेलू सावधि जमा की दरें 28 बेसिस पॉइंट घटीं, जिसकी वजह FCNR(B) में आया पैसा बताई गई है। बिज़नेस स्टैंडर्ड के अनुसार FCNR(B) फ़ंड से भरे बैंक जमा दरें बढ़ाने में देर कर सकते हैं, हालांकि नई जमा पर दरें कुछ ऊपर जा सकती हैं।

आपके लिए इसका मतलब

  1. भारत में होम लोन है तो बैंक से पूछें कि आपका लोन किस बेंचमार्क से जुड़ा है और उसका अगला रीसेट कब है। किस्त बढ़ेगी या लोन की अवधि, यह बैंक तय करेगा।
  2. NRE और NRO फ़िक्स्ड डिपॉज़िट की दरें हर बैंक ख़ुद तय करता है। नई FD बुक करने या रिन्यू कराने से पहले कई बैंकों की दरें मिला लें। लंबी अवधि की NRE और FCNR(B) जमा पर RBI की विशेष छूट 31 अगस्त को ख़त्म हो चुकी है।
  3. कोई फ़ैसला लेने से पहले अपने बैंक की मौजूदा दरें देख लें। यह ख़बर सामान्य जानकारी है, वित्तीय सलाह नहीं।
अपना हिसाब खुद लगाएंNRE, NRO या FCNR: कौन-सा खाता चुनेंहमारी सहयोगी साइट AskNRIGuru.com पर मुफ़्त टूल ↗

स्रोत

  1. Reserve Bank of India, Monetary Policy Statement 2026-27: Resolution of the Monetary Policy Committee, 5 to 7 October 2026 (Press Release 2026-2027/1264)rbi.org.in · आधिकारिक स्रोत
  2. गवर्नर का वक्तव्य, 7 अक्टूबर 2026 (भारतीय रिज़र्व बैंक)rbi.org.in
  3. RBI MPC hikes repo rate by 25 bps to 5.5%, near-term cuts 'off the table' (Business Standard)business-standard.com
  4. State-owned banks raise repo-linked lending rates by 25 bps after RBI move (Business Standard)business-standard.com
  5. RBI MPC hikes repo rate: a look at the last five hikes (Business Standard)business-standard.com
  6. Repo rate hike: how to manage home loans, FDs and debt investments (Business Standard)business-standard.com

यह सामान्य जानकारी है, कानूनी या टैक्स सलाह नहीं। नियम बदलते रहते हैं: आधिकारिक स्रोत देखें और अपने मामले में किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लें। कोई गलती दिखी? लिखें [email protected] · सुधार नीति

इनसे जुड़ी खबरें